सपनों के पीछे का रहस्य, एक ऐसी अनसुलझी❌ मेरी अपनी कहानी


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पराया यह शब्द आप लोगों ने कई बार घर परिवार मोहल्ले आदि में सुना होगा और खासकर घर में तो कई बार सुनने को मिलता है अगर आपके घर में बेटियां हैं तो ना जाने क्यों लोग बेटियों को पराया कहते हैं ना जाने क्यों लोग बेटियों को ही विदा करते हैं फिर जान के अनजाने लोग भी बेटियों को ही मां कहते हैं क्या इस संसार का यही रीत है अगर हां तो प्रीत क्या है और यह बाबुल कौन है जो घोड़े में आया और घोड़ी में चला गया धुम मचा के ऐसा भी कोई करता है क्या जो अपनों की सपनों को भी पराया कर गया पराया तो लोग हैं जो पराया कहते हैं पराए लोग हो सकते हैं पर घर नहीं घर तो अपना ही होता है हमेशा से हमेशा की तरह जहां भी रहो वही घर बन जाता है परिवार बन जाता है खुश होने के लिए हमें खुश नसीब की जरूरत नहीं है क्योंकि खुशनसीब तो हम खुद हैं जो इस धरती पर जन्मे है इस मां को कभी पराया मत कहना यह अपनी मां है हम सब की मां इसकी रक्षा करो अगर इसे पराया कहा तो सारी दुनिया से पराए हो जाओगे पता नहीं अगले बार किस प्लानेट पर जन्मेगे वहां हरियाली होगी भी कि नहीं खुशहाली होगी की भी नहीं वक्त की घड़ी आज है कि आज को जी लेते हैं वरना वक्त कहां आएगा सपनों का लिहाज पूरा कर लेते हैं वरना वक्त कहां आएगा वक्त ने सबको को पराया किया है अगर मैं आज हूं तो कल नहीं रहूंगा क्योंकि पराया वक्त तो सबका आता है जो सबको अपनों से पराया कर जाएगा
Next line ... अगले दिन
Next line. तब लिखूंगा जब आपको समझ में आ रहा हो वरना लिखने का कोई मतलब नहीं रहेगा ना
मुझे कमेंट करके बताओ कि क्या आपको समझ में आ रहा है जो मैं बताना चाह रहा Hun🤗🤗
वैसे तो सपनों के बहुत से राज होते हैं उसी प्रकार हम सबके भी अपने बहुत से राज हैं फिलहाल अभी हम यहां सपनों के बारे में जानने वाले हैं
चाहता है यह दिल कुछ तो बताना🌹 जो जागते हैं तन्हा रातों में🌹
खोए से हम जागे से तुम कुछ तो बताना🌹 यार जो जागते हैं तन्हा रातों में🌹
चाहता है यह दिल कुछ तो बताना 🌹 जो रोते नहीं रुलाते हैं तन्हा यादों मे🌹
जो जागते नहीं जगाते हैं तन्हा रातों में🌹 यार कुछ तो बताना जो जागते हैं तन्हा रातों में🌹
भूले से हम भुलाए से तुम कुछ तो बताना 🌹 जो जागे और जगाए से हैं तन्हा रातों में🌹
चाहता है यह दिल कुछ तो बताना 🌹 जो जागते हैं तन्हा रातों में🌹
दिल की बात दिल में है यार कुछ तो बताना 🌹 जो जागते हैं तन्हा रातों में🌹
खोए से हम है कहीं यादों में तुम्हारी 🌹 कोमल सी पलकें है कहीं नम हमारी🌹
🌹 यार कुछ तो बताना ...,................😍😘 यार कुछ तो बताना🌹
<html>
<head> आजादी /
<title> आजादी</title>
आगे फिर बताऊंगा तब तक के लिए बाय बाय अपना रख रखिए खुश रहिए मुस्कुराते रहिए गुनगुनाते रहिए
आगे ...... 🌹🌹🌹🌹🌹</head>
जिसमें हो महकता सा प्यार ❤
पंछी की चाहत और खुशबू की महक
लाते हो रिमझिम सा प्यार❤
रिमझिम सी बरसात में रिमझिम सी यादें हो
यार कर लो ना इतना सा प्यार❤
यार कर लो ना इतना सा प्यार❤
हां बस इतना सा प्यार ❤
यादों की बरसातों में होती है बूंदे प्यार की
होती है हर सुबह की शाम एक लम्हा तेरी यादों की
उड़ने की है ख्वाब मेरे ख्वाबों ख्वाबों में गीत तेरे🎶
यार कर लो ना इतना सा प्यार ❤
यार कर लो ना इतना सा प्यार❤
हां बस इतना सा प्यार
यार कर लो ना इतना सा प्यार ..❤❤❤❤❤
गुम है शाम कहीं लम्हों में तुम्हारी
खोए से हम हैं कहीं यादों में तुम्हारी
अधूरे से है ख्वाब मेरे बिन तेरे🎶
अधूरी सी कहानी मेरी बिन तेरे🎶
महज बुझी सी है यह पहेली
महज सूझी सी है यह पहेली
तेरी यादों के काफिले अब सुलगने से लगे हैं🎵
तेरी यादों के काफिले अब मचलने से लगे हैं🎵
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क्या खूब रहा वह मस्त मेरा बचपन🌹
खेल खेल में डूबा रहता 🌹
मस्त हवाओं में झूमा रहता🌹
कहाँ गया वह मस्त मेरा बचपन 🌹
कैसे भूलू वह मस्त मेरा बचपन 🌹
बालू में वह खेलना🌹
झूले में वह झुलना🌹
खूब रहा वह मस्त मेरा बचपन🌹
कहाँ गया वह मस्त मेरा बचपन🌹
खेल खेल में लड़ना होता🌹
बात बात में रोना होता🌹
याद आता मुझको मस्त मेरा बचपन🌹
क्यों वह चला गया मस्त मेरा बचपन🌹
कैसे क्यों और कब हो गया🌹
कैसे क्यों कब मैं बड़ा हो गया🌹
कहाँ गया वह मस्त मेरा बचपन🌹
कैसे भूल गया वह मस्त मेरा बचपन🌹
ना जाने मेरा बचपन कहां खो गया🌹
ना जाने मैं अब क्यों बड़ा हो गया🌹
कहां गया वह पकड़म पकड़ाई🌹
कहाँ गया वह काना राजा Tu🌹
अब तो रितु भी नहीं खेलती और राज भी नहीं खेलता🌹
The Start....🌹.............🤗...,.....🎧....,,....🌹..The End
Next.......
जिंदगी की एक अपनी कहानी
यह वक्त ही तो है जो अपनों के सपनों को भी उड़ा ले जाएगा
अभी भी वक्त है कुछ करने को वरना वक्त चला जाएगा
दुखियों के संसार में जिया वक्त चला जाएगा
गुजरा हुआ जमाना लिया यह वक्त चला जाएगा
रुका था ना रुका है न रुकेगा यह वक्त चला जाएगा
यू ना इतराव धन दौलत के मान से यह वक्त चला जाएगा
वक्त ने किसे छोड़ा है जो वक्त में छोड़ा जाएगा
परिंदे हैं हम जिसे वक्त का झोंका जो उड़ा ले जाएगा
भूल जाएगी दुनिया तुमको यह वक्त चला जाएगा
अब भी वक्त है कुछ करने को वरना वक्त चला जाएगा
सपनों का अरमान लिए बैठा है क्यों वक्त चला जाएगा
फिर क्यों बैठा है रोने में यह वक्त चला जाएगा
वक्त है आज की आज को जी ले वरना वक्त चला जाएगा
Next line...
2025 में क्रिप्टोकरेंसी: निवेश का नया दौर और इसके फायदे नमस्ते दोस्तों! आज हम बात करेंगे एक ऐसे विषय पर जो पिछले कुछ सालों से इंटरनेट पर छाय...